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Bhumi Ki Urvarakta Hindi Book by Pratap Chiplunkar

Bhumi Ki Urvarakta Hindi Book | भूमि की उर्वरकता | Pratap Chiplunkar (Hindi)

Sale price  Rs. 190.00 Regular price  Rs. 200.00

‘भूमि की उर्वरकता’ लेखक प्रताप चिपलूणकर की एक अत्यंत उपयोगी कृषि मार्गदर्शिका है, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और उत्पादन में वृद्धि करने के व्यावहारिक उपाय प्रस्तुत करती है। वर्तमान समय में लगातार घटती भूमि की उर्वरता, बढ़ती खेती लागत और कम होते उत्पादन के कारण किसानों के सामने अनेक चुनौतियाँ खड़ी हैं। यह पुस्तक उन्हीं समस्याओं का वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करती है।

लेखक ने अपने लगभग बीस वर्षों के अध्ययन, अनुभव और प्रयोगों के आधार पर बताया है कि उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग करके किसान कम लागत में अधिक उत्पादन कैसे प्राप्त कर सकता है। पुस्तक में मिट्टी के स्वास्थ्य, पोषक तत्वों के संतुलन, खेती की टिकाऊ पद्धतियों और संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन पर सरल भाषा में मार्गदर्शन दिया गया है।

यह पुस्तक किसानों को केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रखती, बल्कि खेती को अधिक लाभदायक, टिकाऊ और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा भी दिखाती है। कृषि विज्ञान, मृदा प्रबंधन और आधुनिक खेती के सिद्धांतों को व्यावहारिक उदाहरणों के साथ प्रस्तुत किया गया है।

‘भूमि की उर्वरकता’ किसानों, कृषि विद्यार्थियों, कृषि अधिकारियों, कृषि सलाहकारों तथा प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती में रुचि रखने वाले प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक संग्रहणीय और उपयोगी संदर्भ पुस्तक है।

Author Pratap Chiplunkar

Publisher Sakal Publications

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